E20 पेट्रोल पर उठे सवालों के बीच बड़ी ऑटो कंपनियों ने दी सफाई

देश में E20 पेट्रोल को लेकर अलग ही हाइप चल रहा है। सोशल मीडिया जैसे इंस्टा, फेसबुक, X और यूट्यूब पर वायरल हो रहे E20 पेट्रोल के वीडियो से आम जनता के मन में काफ़ी सवाल उमड़ रहे हैं और आम जनता काफ़ी परेशान है। वायरल हो रहे वीडियो में दिखाया जा रहा है कि जो पुरानी गाड़ियाँ E20 सपोर्ट नहीं करतीं, उनमें E20 पेट्रोल इस्तेमाल करने से काफ़ी दिक्कतें आ रही हैं, जैसे इंजन का जल्दी ख़राब होना, इंजन में वाइब्रेशन होना, जंग लग जाना। वहीं माइलेज को लेकर भी काफ़ी बड़ा सवाल उठ रहा है।

मनीष कश्यप का वायरल वीडियो

इन कथित ख़बरों के बीच बिहार के फ़ेमस यूट्यूबर मनीष कश्यप (Manish Kashyap) का सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल होने लगा, जिसमें उन्होंने नितिन गडकरी के ख़िलाफ़ मोर्चा खोल दिया। मनीष कश्यप ने अपने वायरल वीडियो में कहा कि उनकी खरीदी हुई नई 40 लाख की गाड़ी E20 की वजह से कबाड़ बन गई है। उनका कहना है कि उनकी टोयोटा इनोवा गाड़ी बस 2 महीने पुरानी है और मात्र 12,000 किलोमीटर चली है, लेकिन उसके इंजन में दिक्कत आने लगी है।

दिया गया वीडियो मनीष कश्यप द्वारा साझा किया गया है, जिसमें उन्होंने E20 पेट्रोल और अपनी Toyota गाड़ी से जुड़ा अपना अनुभव बताया है।
प्रेस कॉन्फ़्रेंस कर रखा अपना पक्ष

तो हुआ ये कि लोगों की परेशानी को देखते हुए शनिवार को देश की कई प्रमुख ऑटोमोबाइल कंपनियों के प्रतिनिधियों ने संयुक्त प्रेस कॉन्फ़्रेंस कर अपनी बात रखी। Maruti Suzuki, Toyota Kirloskar Motor, Hero MotoCorp, Hyundai Motor India, Bajaj Auto और TVS Motor के अधिकारियों ने E20 पेट्रोल को लेकर अपना पक्ष रखा और कहा कि इसे लेकर फैली कई आशंकाएँ तथ्यों पर आधारित नहीं हैं।

कंपनियों ने कहा, लंबे परीक्षण के बाद हुआ देश में E20 लागू

प्रेस कॉन्फ़्रेंस में वक्ताओं का कहना था कि E20 ब्लेंडेड पेट्रोल को ऐसे ही लागू नहीं कर दिया गया, बल्कि कई वर्षों तक चरणबद्ध तरीकों से इस पर परीक्षण किया गया है। उनका कहना था कि इस पहल का उद्देश्य कार्बन उत्सर्जन कम करना, वैकल्पिक ईंधन को बढ़ावा देना और ऊर्जा सुरक्षा को मज़बूत करना है।

सोशल मीडिया पर उठे सवालों का जवाब

हाल के दिनों में सोशल मीडिया पर E20 पेट्रोल के इस्तेमाल से गाड़ियों में आई समस्याओं, जैसे इंजन ख़राब होना, जंग लगना, वाइब्रेशन होना और माइलेज में काफ़ी गिरावट आने जैसे कई दावे किए गए। इन दावों से लोगों की परेशानी बढ़ी और उनके मन में कई तरह के सवाल भी उठ रहे हैं। हालांकि, इन सभी मामलों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है।

दिया गया वीडियो संबंधित प्रेस कॉन्फ्रेंस की आधिकारिक रिकॉर्डिंग है।

Toyota ने वायरल मनीष कश्यप मामले पर रखा अपना पक्ष

प्रेस कॉन्फ़्रेंस के दौरान Toyota के प्रतिनिधि ने हाल ही में चर्चा में आए मनीष कश्यप के वाहन वाले वायरल वीडियो पर अपना बयान देते हुए कहा कि संबंधित वाहन की जाँच के दौरान पेट्रोल की गुणवत्ता को लेकर समस्या सामने आई थी। जाँच के अनुसार कंपनी का कहना है कि गाड़ी में डाला गया पेट्रोल शुद्ध E20 नहीं था। कंपनी के अनुसार, शुद्ध E20 पेट्रोल से परीक्षण करने पर वाहन सामान्य रूप से कार्य करता पाया गया है।

माइलेज को लेकर क्या कहा गया?

हालाँकि प्रेस कॉन्फ़्रेंस के दौरान Maruti Suzuki की ओर से यह स्वीकार किया गया कि E10 की तुलना में E20 पर गाड़ियों का माइलेज कम होता है, जो लगभग 3.5 प्रतिशत बताया जा रहा है।

वाहन विशेषज्ञों का यह भी मानना है कि असल में माइलेज कई अन्य कारणों पर भी निर्भर करता है, जैसे कि वाहन की स्थिति कैसी है और इंजन किस प्रकार का है।

पुराने वाहनों को लेकर लोगों की चिंता

E20 को लेकर सबसे ज़्यादा वे लोग चिंतित हैं, जिनके वाहन पुराने हैं और E20 के लिए अनुकूल (कंपैटिबल) नहीं हैं। प्रेस कॉन्फ़्रेंस में कंपनियों ने इस पर अपना पक्ष रखते हुए कहा कि अभी तक बड़ी संख्या में वाहनों में किसी व्यापक तकनीकी समस्या की पुष्टि नहीं हुई है।

स्वतंत्र आँकड़ों की मांग भी बनी हुई

प्रेस कॉन्फ़्रेंस के दौरान कंपनियों ने E20 पेट्रोल को सुरक्षित बताते हुए कहा कि लोग भ्रमित न हों और चिंता न करें। दूसरी ओर, उपभोक्ताओं और वाहन मालिकों का कहना है कि E20 से जुड़े कई ऐसे मामले सामने आए हैं, जिनमें वारंटी क्लेम करने में काफ़ी दिक्कत आ रही है। उनका यह भी कहना है कि हमें विकल्प दिया जाए कि हम अपने वाहन में E10, E20 या सिर्फ़ पेट्रोल भरवाना चाहते हैं। साथ ही, E20 पेट्रोल की टेस्टिंग रिपोर्ट भी सार्वजनिक की जाए।

फिलहाल क्या है स्थिति?

फिलहाल E20 पेट्रोल को लेकर ऑटोमोबाइल कंपनियाँ दावा कर रही हैं कि यह पूरी तरह सुरक्षित है और इस पर कई वर्षों तक विशेष रूप से परीक्षण किया गया है। परंतु अभी भी कई वाहन मालिकों का कहना है कि उनकी गाड़ी का इंजन ख़राब हो गया है, जंग लग गया है, वाहन की पाइपलाइन ख़राब हो रही है और वाहन में काफ़ी ज़्यादा वाइब्रेशन हो रहा है। ऐसी कई समस्याओं का दावा अभी भी लोग कर रहे हैं।

निष्कर्ष

सबसे पहले तो सरकार लोगों को पूरी तरह भरोसा दिलाने में लगी है कि E20 हर वाहन के लिए सही है। हालाँकि, सरकार ने शनिवार को देश की प्रमुख ऑटोमोबाइल कंपनियों के प्रतिनिधियों से इस बारे में बात की और सभी ने यही कहा कि E20 सुरक्षित है। लेकिन इस दावे से जुड़ी कोई सार्वजनिक लैब रिपोर्ट या विस्तृत तकनीकी दस्तावेज़ प्रेस कॉन्फ़्रेंस में साझा नहीं किए गए। इसी वजह से आम जनता अभी पूरी तरह संतुष्ट नहीं है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)


Q1. E20 पेट्रोल क्या है?

E20 ऐसा पेट्रोल है जिसमें लगभग 20 प्रतिशत एथेनॉल और 80 प्रतिशत पेट्रोल का मिश्रण होता है।

Q2. क्या E20 पेट्रोल से इंजन खराब होता है?

प्रेस कॉन्फ्रेंस में ऑटो कंपनियों ने कहा कि E20 से इंजन को गंभीर नुकसान होने का कोई प्रमाण उनके पास नहीं है। 

Q3. क्या E20 पेट्रोल से माइलेज कम होता है?

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान Maruti Suzuki ने कहा कि E10 से E20 पर जाने से वाहनो में मलिएगे में औसतन लगभग 3.5 प्रतिशत तक माइलेज कम हो सकता है।

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