Satluj Controversy: ‘सतलुज’ पर क्यों मचा बवाल? जानिए CBFC, ZEE5, IMDb रेटिंग और दिलजीत दोसांझ के बयान से जुड़ा पूरा विवाद

अभिनेता और गायक दिलजीत दोसांझ की फिल्म ‘सतलुज’ (पूर्व नाम Punjab ’95) इन दिनों लगातार सुर्खियों में बनी हुई है। आखिर इस फिल्म में ऐसा क्या है, जिसकी वजह से यह पहले थिएटर रिलीज़ को लेकर विवादों में रही और बाद में ओटीटी प्लेटफॉर्म पर रिलीज़ होने के कुछ ही समय बाद हटा दी गई?

पिछले ही सप्ताह इस फिल्म को ZEE5 पर रिलीज़ किया गया था। रिलीज़ होते ही फिल्म को भारी विवादों का सामना करना पड़ा और महज़ दो दिनों के भीतर ही इसे प्लेटफॉर्म से हटा दिया गया।

सिनेमाघरों में रिलीज़ न होने की मुख्य वजह

सेंसर बोर्ड (Central Board of Film Certification – CBFC) की आपत्तियाँ

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, फिल्म को सेंसर बोर्ड से सर्टिफिकेट मिलने से पहले कई बड़े बदलाव (कट) सुझाए गए थे। इनमें फिल्म के कुछ संवाद (Dialogues), दृश्य (Scenes) और कुछ संदर्भों को हटाने या बदलने की मांग की गई थी।

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, सेंसर बोर्ड ने फिल्म में 127 कट लगाने का सुझाव दिया था। हालांकि, फिल्म के निर्माता और निर्देशक चाहते थे कि फिल्म अपने मूल रूप, यानी बिना किसी बदलाव के, रिलीज़ हो।

सेंसर बोर्ड द्वारा सुझाए गए बदलावों पर फिल्म निर्माताओं और निर्देशक की सहमति नहीं बन सकी। इसी कारण फिल्म भारत के सिनेमाघरों में रिलीज़ नहीं हो सकी।

विवाद की मुख्य वजह क्या है?

फिल्म ‘सतलुज’ (पूर्व नाम Punjab ’95’) मानवाधिकार कार्यकर्ता Jaswant Singh Khalra के जीवन और संघर्ष पर आधारित है। 1980 और 1990 के दौर में पंजाब में आतंकवाद और उग्रवाद के दौर के दौरान कई लोगों के अचानक से लापता होने और फर्जी एनकाउंटर की रिपोर्टें सामने आ रही थीं।

मीडिया रिपोर्टों और उपलब्ध सार्वजनिक रिकॉर्ड के अनुसार, जसवंत सिंह खालरा ने पंजाब के विभिन्न श्मशान घाटों के रिकॉर्ड का अध्ययन किया और एक रिपोर्ट तैयार की। इस रिपोर्ट में उन्होंने दावा किया कि पंजाब में अचानक से लापता हुए कई लोगों का फर्जी एनकाउंटर पुलिस द्वारा किया गया था और उनकी लाशों को अज्ञात (लावारिस) बताकर अंतिम संस्कार किया गया था, ताकि पुलिस अपनी गलती छिपा सके। ऐसे मामलों की संख्या काफी बड़ी थी, ऐसा जसवंत सिंह खालरा का दावा था।

इन्हीं संवेदनशील आरोपों और घटनाओं की पृष्ठभूमि पर यह फिल्म बनाई गई है, जिसके कारण यह फिल्म विवाद का विषय बनी हुई है।

सतलुज की आईएमडीबी रेटिंग गायब हो गई

संवेदनशील आरोपों और घटनाओं की पृष्ठभूमि पर बनाई गई इस फिल्म (सतलुज) की 9.5 आईएमडीबी रेटिंग गायब हो गई।

इस फिल्म में दिलजीत दोसांझ, कंवलजीत सिंह, अर्जुन रामपाल, सविंदरपाल विक्की और भी कई कलाकार हैं। यह फिल्म आईएमडीबी पर सबसे ज्यादा रेटिंग पाने वाली भारतीय फिल्मों में से एक थी।

जब इस लेखक ने बुधवार दोपहर को रेटिंग वेबसाइट आईएमडीबी की जाँच की, तो उन्होंने देखा कि सतलुज (पहले जिसका शीर्षक Punjab ’95 था) की 9.5 रेटिंग गायब थी।

फिल्म निर्माता संजय गुप्ता ने भी आईएमडीबी रेटिंग हटाए जाने वाले मामले पर ध्यान दिया है। उन्होंने बुधवार को X पर इस बारे में लिखा। इसे यहाँ देखें

फिल्म निर्माता संजय गुप्ता ने भी आईएमडीबी रेटिंग हटाए जाने वाले मामले पर ध्यान दिया है। उन्होंने बुधवार को X पर इस बारे में लिखा। इसे यहाँ देखें

सोशल मीडिया पर बंटी हुई राय

इस फिल्म को लेकर सोशल मीडिया पर अलग ही बहस छिड़ी हुई है। कुछ लोग इस फिल्म को भारत में थिएटर रिलीज़ न होने और बाद में OTT से हटने को लेकर अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर चिंता जता रहे हैं, जबकि दूसरे लोग इसे एकतरफा प्रस्तुति मानते हुए आपत्ति जता रहे हैं। उनका मानना है कि मूवी में बस एक पक्ष को दिखाने पर ज़्यादा ज़ोर दिया गया है। कुल मिलाकर लोग दो पक्षों में अपनी राय सोशल मीडिया पर रख रहे हैं।

हालांकि, सोशल मीडिया पर सामने आ रही प्रतिक्रियाओं की Aadinews.com स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं करता।

फिल्म के भारत में स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म से हटाए जाने के बाद दिलजीत दोसांझ ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “अब चिंता की कोई बात नहीं, सबने इसे डाउनलोड कर लिया है। एक बार फिल्म रिलीज़ हो जाए, तो उसे कभी नष्ट नहीं किया जा सकता।”

उन्होंने आगे कहा, “पहले दिन मुझे चिंता थी, लेकिन अब इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि वे इसे कब दोबारा रिलीज़ करना चाहते हैं। लोग फिल्म देख चुके हैं और डाउनलोड भी कर चुके हैं।” और लोग उन्हें काफी पसंद भी कर रहे हैं। दिलजीत दोसांझ ने अपनी बात सोशल मीडिया पर वीडियो बनाकर कही।

नोट: नीचे दिया गया वीडियो दिलजीत दोसांझ द्वारा उनके आधिकारिक Instagram अकाउंट पर साझा किया गया है। 👇

हालाँकि, इस पूरे विवाद के बीच ZEE5 ने आधिकारिक बयान जारी करते हुए कहा कि अभी की परिस्थितियों के चलते इस फिल्म को भारत में उपलब्ध नहीं कराया जा सकता। साथ ही, प्लेटफॉर्म ने भरोसा दिलाया है कि इस फिल्म को दोबारा दर्शकों तक पहुँचाने का प्रयास चल रहा है।

निष्कर्ष

अभी इस फिल्म ‘सतलुज’ को लेकर विवाद थम नहीं रहा है। काफी लोग इस मूवी के फिर से OTT पर आने का इंतज़ार कर रहे हैं। दूसरी ओर, फिल्म की स्टोरी पर अलग ही बहस छिड़ी हुई है। आने वाले दिनों में इस मामले में क्या नया मोड़ आता है, इस पर सभी की नज़र बनी रहेगी।

नीचे ‘सतलुज’ विवाद से जुड़े कुछ ऐसे सवाल दिए गए हैं, जिन्हें लोग सबसे ज़्यादा सर्च कर रहे हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

Q1. दिलजीत दोसांझ की फिल्म ‘सतलुज’ किस पर आधारित है?
यह फिल्म मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालरा के जीवन से प्रेरित होकर बनाई गई है।

Q2. ‘सतलुज’ पहले थिएटर में क्यों रिलीज़ नहीं हुई?
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, CBFC ने फिल्म में कई बदलाव और कट सुझाए थे। फिल्म के निर्माता और निर्देशक चाहते थे कि फिल्म अपने मूल रूप में रिलीज़ हो।

Q3 . ‘सतलुज’ की IMDb रेटिंग को लेकर विवाद क्या है?
फिल्म की IMDb रेटिंग दिखाई न देने के बाद सोशल मीडिया पर इसे लेकर चर्चा शुरू हो गई। इस मुद्दे पर फिल्म निर्माता संजय गुप्ता ने भी प्रतिक्रिया दी और X पर पोस्ट किया।

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