- शिक्षा व्यवस्था को लेकर जंतर-मंतर पर युवाओं का प्रदर्शन जारी।
- सोनम वांगचुक की शारीरिक स्थिति बिगड़ी
- केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग जारी है।
- पेपर लीक और परिणामों में देरी को लेकर नाराजगी।
- सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने आंदोलन का समर्थन किया।
नई दिल्ली: दिल्ली में शिक्षा व्यवस्था को लेकर जंतर-मंतर पर प्रदर्शन चल रहा है। युवाओं ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग जारी रखी है। बताया जा रहा है कि प्रदर्शन का आज 26वां दिन है। आंदोलन में शामिल युवाओं का कहना है कि उनकी मांगों को पूरा किया जाए और जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक प्रदर्शन ऐसे ही चलता रहेगा।
शिक्षा व्यवस्था पर उठ रहे सवाल?
प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाते हुए बताया है कि कुछ वर्षों से परीक्षाओं में पेपर लीक, भर्ती प्रक्रिया में कथित अनियमितताएं और परिणामों में देरी जैसी समस्याएं लगातार आ रही हैं और ये समस्याएं लगातार बढ़ती ही जा रही हैं। जिससे परेशान होकर लोगों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की है। युवाओं का यह भी आरोप है कि इन मुद्दों पर सरकार की ओर से कड़ी कार्रवाई नहीं की गई है। इस वजह से उनका आक्रोश और बढ़ता जा रहा है। इस आंदोलन को सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक का भी समर्थन मिला और वांगचुक युवाओं की मांगों के समर्थन में आमरण अनशन पर बैठ गए जो की आज 19वें दिन में पहुंच गया है।
सोनम वांगचुक का स्वास्थ्य आमरण अनशन की वजह से लगातार बिगड़ता जा रहा है
जंतर-मंतर पर शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर आमरण अनशन पर बैठे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक का अनशन आज 19वें दिन में पहुंच गया है, जिस वजह से लंबे समय से भूखे रहने के कारण उनका स्वास्थ्य लगातार बिगड़ता जा रहा है। खबर आ रही है कि डॉक्टर लगातार उनकी जांच कर रहे हैं और उनकी स्वास्थ्य स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
आमरण अनशन से बिगड़ता जा रहा है सोनम वांगचुक का स्वास्थ्य
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, खबर आ रही है कि आमरण अनशन शुरू होने से लेकर अब तक सोनम वांगचुक का करीब 8 किलोग्राम वजन कम हो गया है। लोग इस बात से बहुत परेशान हैं। उनके समर्थक उनके गिरते स्वास्थ्य को लेकर अपनी चिंता जता रहे हैं। जंतर-मंतर पर मेडिकल टीम पहुंचकर उनकी तबीयत का लगातार जायजा ले रही है। डॉक्टरों का कहना है कि लंबे समय से उपवास के कारण उनका शरीर काफी कमजोर हो चुका है। यहां तक कि कमजोरी के कारण अब वह पहले की तुलना में कम बोल पा रहे हैं।
अनशन नहीं तोड़ूंगा, 20 जुलाई को देशवासियों से की बड़ी अपील
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक वीडियो साझा करते हुए सोनम वांगचुक ने कहा कि…
नमस्कार साथियों,
बड़ी मुश्किल से आज 18वें दिन मैं आपसे जुड़ पा रहा हूँ।
क्योंकि आप लोगों के हजारों संदेश आए कि मैं अनशन तोड़ दूँ और कुछ खा लूँ। बड़े-बुजुर्ग, नेता गण आकर मुझसे कोई गुस्से में तो कोई प्यार से कह रहा है कि मैं कुछ खा लूँ। वहीं कुछ लोगों ने अदालत से भी अपील की है कि सरकार मुझे जबरदस्ती खाना खिलवाए।
सोनम वांगचुक ने कहा कि दो बातें हैं। पहली, अगर मैं खा भी लूँ तो उससे क्या बदलेगा और क्या संदेश जाएगा? उनका कहना है कि ऐसा करने से सरकार को यही संदेश जाएगा कि उन्हें जवाबदेही की कोई ज़रूरत नहीं है। लोग अनशन पर बस बैठ जाते हैं और फिर चले जाते हैं।
दूसरी बात, सोनम वांगचुक ने कहा कि मेरी हालत ऐसी भी नहीं है कि मैं दो-चार दिन में मर ही जाऊँ। मेरे कई मेडिकल टेस्ट होते रहे हैं और उनके रिज़ल्ट काफी सामान्य हैं। इसलिए मैं अभी कई दिन तक चल सकता हूँ। हाँ, शरीर कमजोर हो गया है, मेरे मसल्स खत्म हो रहे हैं, मगर मेरा दिल और शरीर के अन्य महत्वपूर्ण अंग अभी भी ठीक से काम कर रहे हैं। इसलिए सिर्फ मुझे अनशन तोड़ने के लिए कहने के बजाय मैं आप लोगों से निवेदन करूँगा कि आप लोग एक छोटा-सा कदम उठाएँ और 20 जुलाई को इतनी बड़ी संख्या में आएँ कि सरकार तक एक मजबूत संदेश पहुँचे।
मैं तो कहूँगा कि उस दिन सारे कॉलेजों, स्कूलों और विश्वविद्यालयों से अनुरोध है कि वे इसे एक्सपीरिएंशियल एजुकेशन (Experiential Education) का दिन मनाएँ (नई शिक्षा नीति के अंतर्गत), क्योंकि उस दिन बच्चे राजनीतिक विज्ञान का एक अनोखा पाठ प्रत्यक्ष रूप से सीख पाएँगे, जो इतिहास का हिस्सा होगा। वे खुद अनुभव करेंगे कि लोकतंत्र कैसे चलता है और जनता अपनी बात कैसे रखती है।
इसलिए 20 जुलाई को बहुत से सांसदों के साथ आप सभी हजारों की संख्या में आइए। हम सब मिलकर इस मुद्दे को संसद के हवाले करेंगे। तब मुझे भी भरोसा होगा कि अब यह सही हाथों में गया है।
सोनम वांगचुक ने जारी किया संपर्क नंबर
सोनम वांगचुक ने कहा कि उससे पहले भी आप एक काम कर सकते हैं। आप इस नंबर 7011670115 पर मिस्ड कॉल देकर बता सकते हैं कि आप 20 जुलाई को आ रहे हैं।
वीडियो के अंत में सोनम वांगचुक भावुक होते हुए कहते हैं, “इतना तो आप ज़रूर करेंगे। आप ही हमारी उम्मीद हैं।”
अंत में उन्होंने कहा, “जय हिंद।”
भुवन बाम, आशीष चंचलानी समेत कई सेलिब्रिटीज ने किया सोनम वांगचुक का समर्थन
शिक्षा व्यवस्था को लेकर आमरण भूख हड़ताल पर बैठे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को अब फिल्म और डिजिटल मनोरंजन जगत की कई हस्तियों का समर्थन मिलने लगा है।
भुवन बाम, आशीष चंचलानी, अतुल कुलकर्णी, प्रकाश राज, सयाजी शिंदे, ओमी वैद्य, विशाल ददलानी, शिवांकित और जीनत अमान समेत कई कलाकारों ने सोशल मीडिया के जरिए वांगचुक के समर्थन में अपनी बात रखी है और सरकार से उनकी मांगों पर चर्चा करने की अपील की है।
फिलहाल जंतर-मंतर पर आंदोलन जारी है और प्रदर्शनकारी अपनी मांगों पर अडिग हैं। वहीं, सोनम वांगचुक ने वीडियो के जरिए एक महत्वपूर्ण सूचना देते हुए 20 जुलाई को प्रस्तावित संसद मार्च में बड़ी संख्या में लोगों से शामिल होने की अपील की है। अब इस बात पर सभी की नजर है कि सरकार इस आंदोलन और प्रदर्शनकारियों की मांगों पर क्या रुख अपनाती है।